Adhyay 2
Shloka 83
Shloka
अग्नीन्धनं भैक्षचर्यां अधःशय्यां गुरोर्हितम्। आ समावर्तनात्कुर्यात्कृतोपनयनो द्विजः॥
Shloka 83 Chapter Two
Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय
