Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 83 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 83

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 83
Shloka
अग्नीन्धनं भैक्षचर्यां अधःशय्यां गुरोर्हितम्। आ समावर्तनात्कुर्यात्कृतोपनयनो द्विजः॥

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Subject
समावर्तन तक होमादि कर्त्तव्य
Meaning
(कृतोपनयनः द्विजः) यज्ञोपवीत संस्कार में दीक्षित द्विज (अग्नीन्धनम्) अग्निहोत्र करना (भैक्षचर्याम्) भिक्षावृत्ति (अधःशय्याम्) भूमि में शयन (गुरोः हितम्) गुरु की सेवा (आसमावर्तनात्) समावर्तन संस्कार [वेदाध्ययन समाप्त करके घर लौटने तक] तक (कुर्यात्) करता रहे॥८३॥