Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 80 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 80

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 80
Shloka
वेदोपकरणे चैव स्वाध्याये चैव नैत्यके। नानुरोधोऽस्त्यनध्याये होममन्त्रेषु चैव हि॥

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Subject
अनिवार्य कर्त्तव्य
Meaning
(वेदोपकरणे चैव) वेद के पठन-पाठन में (च) और (नैत्यके स्वाध्याये) नित्यकर्म में आने वाले गायत्रीजप या संध्योपासना [२ । ७६ ] में (होममन्त्रेषु चैव) तथा यज्ञ करने में (अनध्याये अनुरोधः न अस्ति) अनध्याय का ग्रह नहीं है अर्थात् इन्हें प्रत्येक स्थिति में करना चाहिए, इनके साथ अनध्याय का नियम लागू नहीं होता॥८०॥