Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 78 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 78

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 78
Shloka
न तिष्ठति तु यः पूर्वां नोपास्ते यश्च पश्चिमाम्। स शूद्रवद्बहिष्कार्यः सर्वस्माद्द्विजकर्मणः॥

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1 Bhashyas
Subject
मंध्योपासन न करनेवाला शूद्रवत्
Meaning
(यः) जो मनुष्य (पूर्वां न तिष्ठति च पश्चिमां न उपास्ते) नित्य प्रातः और सायं संध्योपासन को नहीं करता (सः शूद्रवत्) उसको शुद्र के समान समझकर (सर्वस्मात् द्विजकर्मरण: बहिष्कार्य:) [ समस्त ] द्विजकुल से करके शूद्रकुल में रख देना चाहिए॥७८॥