Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 75 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 75

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 75
Shloka
वशे कृत्वेन्द्रियग्रामं संयम्य च मनस्तथा। सर्वान्संसाधयेदर्थानक्षिण्वन्योगतस्तनुम्॥

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1 Bhashyas
Subject
इन्द्रिय संयम से सिद्धि
Meaning
(इन्द्रियाणां प्रसङ्गन) जीवात्मा इन्द्रियों के साथ मन लगाने से (असंशयम्) निःसंदेह (दोषम् ऋच्छति) दोषी हो जाता है (तु तानि सन्नियम्य एव) और उन पूर्वोक्त [ २ | ६५-६७] दश इन्द्रियों को वश में करके ही (ततः) पश्चात् (सिद्धि नियच्छति) सिद्धि को प्राप्त होता है॥६८॥