Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 68 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 68

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 68
Shloka
इन्द्रियाणां प्रसङ्गेन दोषं ऋच्छत्यसंशयम्। संनियम्य तु तान्येव ततः सिद्धिं निगच्छति॥

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1 Bhashyas
Subject
इन्द्रिय-संयम से सिद्धि
Meaning
(इन्द्रियाणां प्रसङ्गन) जीवात्मा इन्द्रियों के साथ मन लगाने से (असंशयम्) निःसंदेह (दोषम् ऋच्छति) दोषी हो जाता है (तु तानि सन्नियम्य एव) और उन पूर्वोक्त [ २ | ६५-६७] दश इन्द्रियों को वश में करके ही (ततः) पश्चात् (सिद्धि नियच्छति) सिद्धि को प्राप्त होता है॥६८॥