Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 40 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 40

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 40
Shloka
केशान्तः षोडशे वर्षे ब्राह्मणस्य विधीयते। राजन्यबन्धोर्द्वाविंशे वैश्यस्य द्व्यधिके मतः॥

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1 Bhashyas
Subject
केशान्त संस्कार
Meaning
(ब्राह्मणस्य) ब्राह्मण के (षोडशे) सोलहवें (राजन्यबन्धो: द्वाविंशे) क्षत्रिय के बाईसवें (वेश्यस्य) वैश्य के (ततः द्वयधिके) [उससे दो वर्ष अधिक अर्थात् ] चौबीसवें (वर्षे) वर्ष में (केशान्तः विधीयते) केशान्त कर्म = क्षौरमुंडन हो जाना चाहिए॥४०॥