Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 29 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 29

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 29
Shloka
पूजयेदशनं नित्यं अद्याच्चैतदकुत्सयन्। दृष्ट्वा हृष्येत्प्रसीदेच्च प्रतिनन्देच्च सर्वशः॥

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Subject
भोजन-सम्बन्धी विधान
Meaning
(नित्यम्) प्रतिदिन खाते हुए (अशनं पूजयेत्) भोज्य पदार्थ का आदर करे (च) और (एतद्) + अकुत्सयन् + अद्यात् इसे निन्दाभाव से रहित होकर अर्थात् श्रद्धापूर्वक खाये (दृष्ट्वा हृष्येत् च प्रसीदेत्) भोजन को देखकर मन में उल्लास और प्रसन्नता की भावना करे (च) तथा (सर्वशः प्रतिनन्देत्) उसकी सर्वदा प्रशंसा करे॥२९॥