Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 28 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 28

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 28
Shloka
उपस्पृश्य द्विजो नित्यं अन्नं अद्यात्समाहितः। भुक्त्वा चोपस्पृशेत्सम्यगद्भिः खानि च संस्पृशेत्॥

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Subject
भोजन से पूर्व आचमन विधान
Meaning
(द्विजः) द्विज़ (नित्यम्) प्रतिदिन (उपस्पृश्य) आचमन करके (समाहितः) एकाग्र मन से (अन्नं अद्यात्) भोजन खाये (च) और (मुक्त्वा) खाकर (सम्यक्) अच्छी प्रकार (उपस्पृशेत्) कुल्ला करे (च) तथा (अभिः खानि संस्पृशेत्) जल से नाक, कान नेत्र आदि इन्द्रियों का स्पर्श करे॥२८॥