Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 25 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 25

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 25
Shloka
मातरं वा स्वसारं वा मातुर्वा भगिनीं निजाम्। भिक्षेत भिक्षां प्रथमं या चैनं नावमानयेत्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Subject
भिक्षा किन से मांगे
Meaning
[इन ब्रह्मचारियों को] (मातरं वा स्वसारम्) माता या बहन से (वा मातुः निजां भगिनीम्) अथवा माता की सगी बहन अर्थान् सगी मौसी से (च) और (या एनं न अवमानयेत्) जो इस भिक्षार्थी का अपमान न करे उससे (प्रथमं भिक्षां भिक्षेत) पहले भिक्षा मांगे॥२५॥