Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 24 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 24

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 24
Shloka
भवत्पूर्वं चरेद्भैक्षं उपनीतो द्विजोत्तमः। भवन्मध्यं तु राजन्यो वैश्यस्तु भवदुत्तरम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Subject
भिक्षा-विधि
Meaning
(उपनीतः द्विजोत्तमः) यज्ञोपवीत संस्कार में दीक्षित ब्राह्मण (भवत्पूर्वं भैक्ष चरेत्) 'भवत्' शब्द को वाक्य के पहले जोड़कर, जैसे- 'भवान् भिक्षां ददातु' या 'भवती भिक्षां देहि' भिक्षा मांगे (तु) और (राजन्य:) क्षत्रिय (भवत्ध्यम्) 'भवत्' शब्द को वाक्य के बीच में लगाकर, जैसे– 'भिक्षां भवान् ददातु' या 'भिक्षां भवती देहि' भिक्षा मांगे (तु) और (वैश्यः) वैश्य (भवत् + उत्तरम्) 'भवत्' शब्द को वाक्य के बाद में जोड़कर, भिक्षां देहि भवती' भिक्षा मांगे'॥२४॥