Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 216 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 216

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 216
Shloka
अब्राह्मणादध्यायनं आपत्काले विधीयते। अनुव्रज्या च शुश्रूषा यावदध्यायनं गुरोः॥

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Subject
आपत्ति काल में प्रब्राह्मरण से विद्याध्ययन एवं उसके नियम
Meaning
(आपत्काले) आपत्ति काल में (अब्राह्मणात्) अब्राह्मण अर्थात् क्षत्रिय आदि से भी (अध्ययनम्) विद्या ग्रहण करना (विधीयते) विहित है (यावत् अध्ययनम्) शिष्य जब तक पढ़े तब तक (गुरोः अनुव्रज्या च शुश्रूषा) गुरु की आज्ञा का पालन और सेवा करे॥२१६॥