Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 21 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 21

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 21
Shloka
केशान्तिको ब्राह्मणस्य दण्डः कार्यः प्रमाणतः। ललाटसम्मितो राज्ञः स्यात्तु नासान्तिको विशः॥

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Subject
दण्डों का वर्णानुसार मान
Meaning
(प्रमाणत:) माप के अनुसार (ब्राह्मणस्य दण्डः) ब्राह्मण का दण्ड (केशान्तिकः) केशों तक (राज्ञः ललाटसंमितः) क्षत्रिय का माथे तक (कार्य :) बनाना चाहिए (तु) और (विश:) वैश्य का (नासान्तिक: स्यात्) नाक तक ऊंचा होना चाहिये॥२१॥