Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 189 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 189

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 189
Shloka
अविद्वांसं अलं लोके विद्वांसं अपि वा पुनः। प्रमदा ह्युत्पथं नेतुं कामक्रोधवशानुगम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(लोके) संसार में (प्रमदाः) स्त्रियाँ (काम-क्रोध-वश + अनुगम्) काम और क्रोध के वशीभूत होने वाले (अविद्वांसम्) अविद्वान् को (वा) अथवा विद्वांसम् अपि) विद्वान् व्यक्ति को भी (उत्पथं नेतुम्) उसके मार्ग से उखाड़ने (हि) निश्चय से (अलम्) पूर्णत: समर्थ हैं ॥१८६॥