Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 188 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 188

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 188
Shloka
स्वभाव एष नारीणां नराणां इह दूषणम्। अतोऽर्थान्न प्रमाद्यन्ति प्रमदासु विपश्चितः॥

Bhashya

Meaning
(इह) इस संसार में (एष: स्वभाव:) यह स्वाभाविक ही है कि (नारीणां नराणां दूषरणम्) स्त्री पुरुषों का परस्पर के संसर्ग से दूषरण हो जाता हैदोष लग जाता है (अर्थात्) इस कारण से (विपश्चितः) बुद्धिमान् व्यक्ति (प्रमदासु) स्त्रियों के साथ व्यवहारों में (न प्रमाद्यन्ति) कभी असावधानी नहीं करते॥१८८॥