Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 181 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 181

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 181
Shloka
विद्यागुरुष्वेवं एव नित्या वृत्तिः स्वयोनिषु। प्रतिषेधत्सु चाधर्माद्धितं चोपदिशत्स्वपि॥

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1 Bhashyas
Subject
अन्य अध्यापकों से व्यवहार
Meaning
(विद्यागुरुषु) विद्या पढ़ाने वाले सभी गुरुओं में (स्वयोनिषु) अपने वंश वाले सभी बड़ों में (च) और (अधर्मात् प्रतिषेधत्सु उपदिशत्सु अपि) अधर्म से हटाकर धर्म का उपदेश करने वालों में भी (नित्या एतत् एव वृत्तिः) सदैव यही (ऊपर वरिंगत) बर्ताव करे ॥१८१॥