Adhyay 2
Shloka 180
Shloka
गुरोर्गुरौ सन्निहिते गुरुवद्वृत्तिं आचरेत्। न चानिसृष्टो गुरुणा स्वान्गुरूनभिवादयेत्॥
Shloka 180 Chapter Two
Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय
