Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 174 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 174

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 174
Shloka
नोदाहरेदस्य नाम परोक्षं अपि केवलम्। न चैवास्यानुकुर्वीत गतिभाषितचेष्टितम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(परोक्षम् अपि) पीछे से भी (अस्य) अपने गुरु का (केवलं नाम न उदाहरेत्) केवल नाम न ले [अर्थात् जब भी गुरु के नाम का उच्चारण करना पड़े तो 'आचार्य' 'गुरु' आदि सम्मानबोधक शब्दों के साथ करना चाहिए, अकेला नाम नहीं ] (च) और (अस्य) इस गुरु की (गति +भाषित+चेष्टितम्) चाल, वारणी तथा चेष्टाओं का (न अनुकुर्वीत) अनुकरण = नकल न करे॥१७४।। प्रवर्त्तते ।