Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 170 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 170

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 170
Shloka
प्रतिश्रावणसंभाषे शयानो न समाचरेत्। नासीनो न च भुञ्जानो न तिष्ठन्न पराङ्मुखः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(प्रतिश्रवण + संभाषे) प्रतिश्रवण अर्थात् गुरु की बात या आज्ञा का उत्तर देना, या स्वीकृति देना, और संभाषा=बातचीत, ये (शयानः न समाचरेत्) लेटें हुए न करे (न आसीनः) न बैठे-बैठे (न भुञ्जानः) न कुछ खाते हुए (च) और (न तिष्ठन्) न दूर खड़े होकर (न पराङ्मुखः) न मुँह फेरकर ये बातें करें॥१७०॥