Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 169 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 169

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 169
Shloka
हीनान्नवस्त्रवेषः स्यात्सर्वदा गुरुसन्निधौ। उत्तिष्ठेत्प्रथमं चास्य चरमं चैव संविशेत्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(गुरु-सन्निधौ) गुरु के समीप रहते हुए (सर्वदा) सदा (हीन + अन्न + वस्त्र + वेष: स्यात्) अन्न = भोज्यपदार्थ, वस्त्र और वेशभूषा गुरु से सामान्य रखे (च) और (अस्य प्रथमम् उत्तिष्ठेत्) इस गुरु से पहले जागे (च) तथा (परमं से संविशेत्) बाद में सोये॥१६६॥