Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 152 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 152

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 152
Shloka
वर्जयेन्मधु मांसं च गन्धं माल्यं रसान्स्त्रियः। शुक्तानि यानि सर्वाणि प्राणिनां चैव हिंसनम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
ब्रह्मचारी और ब्रह्मचारिणी (मधु-मांसं गन्धं माल्यं रसान् स्त्रियः) मधु-मांस, गंध, माला, रस, स्त्री और पुरुष का संग (सर्वाणि यानि शुक्तानि) सब खटाई (प्राणिनां हिंसनम्) प्राणियों की हिंसा (वर्जयेत्) छोड़ देवें ॥१५२॥