Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 150 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 150

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
2/150
Adhyay 2 Shloka 150
Shloka
सेवेतेमांस्तु नियमान्ब्रह्मचारी गुरौ वसन्। सन्नियम्येन्द्रियग्रामं तपोवृद्ध्यर्थं आत्मनः॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Subject
गुरुकुल में रहते हुए ब्रह्मचारी के पालनीय नियम
Meaning
(गुरौ वसन्) गुरु के समीप अर्थात् गुरुकुल में रहते हुए (ब्रह्मचारी) ब्रह्मचारी (आत्मनः तपोवृद्धयर्थम्) अपने तप की वृद्धि के लिये (इन्द्रियग्रामं सन्नियम्य) इन्द्रियों के समूह [२|६४-६७] को वश में करके (इमान् तु नियमान् सेवेत) इन आगे वर्णित नियमों का पालन करे॥१५०॥