Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 13 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 13

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 13
Shloka
आ षोदशाद्ब्राह्मणस्य सावित्री नातिवर्तते। आ द्वाविंशात्क्षत्रबन्धोरा चतुर्विंशतेर्विशः॥

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Subject
उपनयन की अन्तिम अवधि
Meaning
(ब्राह्मरणस्य) ब्राह्मण के बालक का (आ-षोडशात्) सोलह वर्ष तक (क्षत्रबन्धोः) क्षत्रिय के बालक का (आ-द्वाविंशात्) बाईस वर्ष तक (विश:) वैश्य के बालक का (आ-चतुर्विंशते:) चौबीस वर्षं तक (सावित्री न+अतिवर्तते) यज्ञोपवीत का अतिक्रमरण नहीं होता अर्थात् इन अवस्थाओं तक उपनयन संस्कार कराया जा सकता है ।। १३ ।।