Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 125 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 125

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 125
Shloka
ब्राह्मस्य जन्मनः कर्ता स्वधर्मस्य च शासिता। बालोऽपि विप्रो वृद्धस्य पिता भवति धर्मतः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(ब्राह्मस्य जन्मनः कर्त्ता) वेदाध्ययन के जन्म को देने वाला (स्वधर्मस्य च शासिता) और अपने धर्म का उपदेश देने वाला (विप्रः) विद्वान् (बाल: अपि) बालक अर्थात् अल्पायु होते हुए भी (धर्मतः) धर्म से (वृद्धस्य पिता भवति) शिक्षा प्राप्त करने वाले दीर्घायु व्यक्ति का पिता [अर्थात् गुरु के समान] होता है॥१२५ ।।