Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 124 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 124

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
2/124
Adhyay 2 Shloka 124
Shloka
अल्पं वा बहु वा यस्य श्रुतस्योपकरोति यः। तं अपीह गुरुं विद्याच्छ्रुतोपक्रियया तया॥

Bhashya

Subject
(यः यस्य) जो कोई जिस किसी का (श्रुतस्य अल्पं वा बहु उपकरोति) विद्या पढ़ाकर थोड़ा या अधिक उपकार करता है (तम् अपि इह) उसको भी इस संसार में (तथा श्रुतोपक्रियया) उस विद्या पढ़ाने के उपकार को (गुरु विद्यात्) गुरु समझना चाहिए॥१२४॥