Adhyay 2

Manusmriti

Shloka 103 Chapter Two

Adhyay 2
Shloka 103

Chapter Two

Subject: संस्कार एवं ब्रह्मचर्याश्रम-विषय

224 Shloka
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Adhyay 2 Shloka 103
Shloka
अवाच्यो दीक्षितो नाम्ना यवीयानपि यो भवेत्। भोभवत्पूर्वकं त्वेनं अभिभाषेत धर्मवित्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(दीक्षितः) उपनयन में दीक्षित (य: यवीयान् अपि भवेत्) यदि कोई छोटा भी हो तो उसे (नाम्ना अवाच्यः) नाम लेकर नहीं पुकारना चाहिए (धर्मवित्) व्यवहार में चतुर व्यक्ति को चाहिए कि वह (एनं 'भो' 'भवत्' पूर्वकम् अभि-. भाषेत) अपने से छोटे व्यक्ति को 'भो' 'भवत्' शब्दों से सम्बोधित करे॥१०३॥