Adhyay 12

Manusmriti

Shloka 99 Chapter Twelve

Adhyay 12
Shloka 99

Chapter Twelve

Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन

126 Shloka
12/99
Adhyay 12 Shloka 99
Shloka
बिभर्ति सर्वभूतानि वेदशास्त्रं सनातनम्। तस्मादेतत्परं मन्ये यज्जन्तोरस्य साधनम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(सनातनं वेदशास्त्रम्) यह जो सनातन वेदशास्त्र है सो (सर्वभूतानि बिभर्ति) सब विद्याओं के दान से सम्पूर्ण प्रारिणयों का धारण और सब सुखों को प्राप्त कराता है, (तस्मात् एतत् परं मन्ये) इस कारण से [ मनु आदि] हम लोग उसको सर्वथा उत्तम मानते हैं, और इसी प्रकार मानना भी चाहिए, (यत्) क्योंकि (जन्तोः अस्य साधनम्) सब जीवों के लिए सब सुखों का साधन यही है ॥९९॥(ऋ० भा० भू० वेदविषयविचार)