Adhyay 12

Manusmriti

Shloka 91 Chapter Twelve

Adhyay 12
Shloka 91

Chapter Twelve

Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन

126 Shloka
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Adhyay 12 Shloka 91
Shloka
सर्वभूतेषु चात्मानं सर्वभूतानि चात्मनि। समं पश्यन्नात्मयाजी स्वाराज्यं अधिगच्छति॥

Bhashya

Meaning
(सर्वभूतेषु आत्मानम्) सब चराचर पदार्थों एवं प्राणियों में परमात्मा की व्यापकता को (च) और (आत्मनि) परमात्मा में (सर्वभूतानि) सब पदार्थों एवं प्राणियों के आश्रय को (समं पश्यन्) समानभाव से देखता हुआ अर्थात् सर्वत्र परमात्मा की स्थिति का अनुभव कर सर्वदा उसी का ध्यान करता हुआ (आत्मयाजी) परमात्मा का उपासक मनुष्य (स्वाराज्यम् + अधिगच्छति) परमात्मसुख अर्थात् मोक्ष को प्राप्त कर लेता है॥९१॥