Adhyay 12

Manusmriti

Shloka 82 Chapter Twelve

Adhyay 12
Shloka 82

Chapter Twelve

Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन

126 Shloka
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Adhyay 12 Shloka 82
Shloka
एष सर्वः समुद्दिष्टः कर्मणां वः फलोदयः। नैःश्रेयसकरं कर्म विप्रस्येदं निबोधत॥

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1 Bhashyas
Subject
निःश्रेयस कर्मों का वर्णन-
Meaning
(एषः) यह [१२ । ३-८१] (कर्मणां फलोदयः) कर्मों के फल का उद्भव (सर्व:) सम्पूर्ण रूप में (वः समुद्दिष्ट:) तुमसे कहा । अब (विप्रस्य) विद्वानों या ब्राह्मण ग्रादि द्विजों के (निःश्रेयसकरं कर्म निबोधत—) मोक्षदायक कर्मों को सुनो॥८२॥