Adhyay 12

Manusmriti

Shloka 74 Chapter Twelve

Adhyay 12
Shloka 74

Chapter Twelve

Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन

126 Shloka
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Adhyay 12 Shloka 74
Shloka
तेऽभ्यासात्कर्मणां तेषां पापानां अल्पबुद्धयः। संप्राप्नुवन्ति दुःखानि तासु तास्विह योनिषु॥

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1 Bhashyas
Meaning
फिर (ते अल्पबुद्धयः) वे मन्दबुद्धि मनुष्य (तेषां पापानां कर्मरणाम् + अभ्यासात्) उन विषयों से उत्पन्न पापकर्मों को बारम्बार करते हैं, और उसके कारण पुनः (तासु-तासु योनिषु) पापकर्मों से प्राप्त होने वाली उन-उन योनियों में अर्थात् जिस पाप से जो योनि प्राप्त होती है [१२ । ३६-५१] उसको प्राप्त करके (इह) इसी संसार में (दुःखानि प्राप्नुवन्ति) दुःखों को भोगने हैं॥७४॥