Adhyay 12

Manusmriti

Shloka 7 Chapter Twelve

Adhyay 12
Shloka 7

Chapter Twelve

Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन

126 Shloka
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Adhyay 12 Shloka 7
Shloka
अदत्तानां उपादानं हिंसा चैवाविधानतः। परदारोपसेवा च शारीरं त्रिविधं स्मृतम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(शारीरं त्रिविधं स्मृतम्) शारीरिक अधर्म तीन हैं- (प्रदत्तानाम् +उपादानम्) चोरी (हिंसा च+एव) हिंसा अर्थात् सब प्रकार के क्रूर कर्म, (परदारोपसेवा) रंडीबाजी वा व्यभिचारादि कर्म करना॥७॥