Adhyay 12
Shloka 54
Shloka
बहून्वर्षगणान्घोरान्नरकान्प्राप्य तत्क्षयात्। संसारान्प्रतिपद्यन्ते महापातकिनस्त्विमान्॥
Shloka 54 Chapter Twelve
Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन
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