Adhyay 12

Manusmriti

Shloka 52 Chapter Twelve

Adhyay 12
Shloka 52

Chapter Twelve

Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन

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Adhyay 12 Shloka 52
Shloka
इन्द्रियाणां प्रसङ्गेन धर्मस्यासेवनेन च। पापान्संयान्ति संसारानविद्वांसो नराधमाः॥

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1 Bhashyas
Subject
विषयों में आसक्ति से दुःख
Meaning
(इन्द्रियाणां प्रसंगेन) जो इन्द्रियों के वश होकर विषयी (धर्मस्य + असेवनेन) धर्म को छोड़कर अधर्म करने हारे (अविद्वांसः) अविद्वान् हैं (नराघमाः पापान् संसारान् संयान्ति) वे मनुष्यों में नीच जन्म, बुरे बुरे दुःखरूप जन्म को पाते हैं॥५२॥(स० प्र० नवमसमु०)