Adhyay 12
Shloka 52
Shloka
इन्द्रियाणां प्रसङ्गेन धर्मस्यासेवनेन च। पापान्संयान्ति संसारानविद्वांसो नराधमाः॥
Shloka 52 Chapter Twelve
Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन