Adhyay 12
Shloka 47
Shloka
गन्धर्वा गुह्यका यक्षा विबुधानुचराश्च ये। तथैवाप्सरसः सर्वा राजसीषूत्तमा गतिः॥
Shloka 47 Chapter Twelve
Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन