Adhyay 12

Manusmriti

Shloka 46 Chapter Twelve

Adhyay 12
Shloka 46

Chapter Twelve

Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन

126 Shloka
12/46
Adhyay 12 Shloka 46
Shloka
राजानः क्षत्रियाश्चैव राज्ञां चैव पुरोहिताः। वादयुद्धप्रधानाश्च मध्यमा राजसी गतिः॥

Bhashya

Meaning
(मध्यमा राजसी गतिः) जो मध्यम रजोगुणी होते हैं वे (राजानः क्षत्रियाः) राजा, क्षत्रियवर्णस्थ, (राज्ञां पुरोहिताः) राजाओं के पुरोहित, (वादयुद्धप्रधानाः) वाद-विवाद करने वाले दूत, प्राड्विवाक = वकील, बैरिस्टर, युद्धविभाग के अध्यक्ष के जन्म पाते हैं ॥४६॥(स० प्र० नवमसमु०)