Adhyay 12

Manusmriti

Shloka 45 Chapter Twelve

Adhyay 12
Shloka 45

Chapter Twelve

Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन

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Adhyay 12 Shloka 45
Shloka
झल्ला मल्ला नटाश्चैव पुरुषाः शस्त्रवृत्तयः। द्यूतपानप्रसक्ताश्च जघन्या राजसी गतिः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(जघन्या राजसी गतिः) जो अधम रजोगुणी हैं वे (झल्लाः) झल्ला अर्थात् तलवार ग्रादि से मारने वा कुदार आदि से खोदने हारे, (मल्लाः) मल्ला अर्थात नौका आदि के चलाने वाले, (नटा:) नट, जो बांस आदि पर कला, कूदना, चढ़ना-उतरना आदि करते हैं, (शस्त्रवृत्तयः पुरुषा:) शस्त्रधारी भृत्य, (च) और (मद्यपानप्रसक्ताः) मद्य पीने में ग्रासक्त हों, ऐसे जन्म नीच रजोगुण का फल है। ॥४५॥(स० प्र० नवमसमु०)