Adhyay 12

Manusmriti

Shloka 38 Chapter Twelve

Adhyay 12
Shloka 38

Chapter Twelve

Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन

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Adhyay 12 Shloka 38
Shloka
तमसो लक्षणं कामो रजसस्त्वर्थ उच्यते। सत्त्वस्य लक्षणं धर्मः श्रैष्ठ्यं एषां यथोत्तरम्॥

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Meaning
(तमस: लक्षणं कामः) तमोगुण का लक्षण काम (रजसः तु+अर्थ:) रजोगुरण का अर्थ संग्रह की इच्छा, (सत्वस्य लक्षणं धर्मः) सत्त्वगुण का लक्षरण धर्मसेवा करना है, (एषां यथोत्तरं श्रेष्ठयम्) परन्तु तमोगुण से रजोगुण और रजोगुण से सत्त्वगुण श्रेष्ठ है ॥३८॥(स० प्र० नवम समु०)