Adhyay 12

Manusmriti

Shloka 31 Chapter Twelve

Adhyay 12
Shloka 31

Chapter Twelve

Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन

126 Shloka
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Adhyay 12 Shloka 31
Shloka
वेदाभ्यासस्तपो ज्ञानं शौचं इन्द्रियनिग्रहः। धर्मक्रियात्मचिन्ता च सात्त्विकं गुणलक्षणम्॥

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1 Bhashyas
Subject
सतोगुण के लक्षण
Meaning
जो (वेदाभ्यासः तपः ज्ञानम्) वेदों का अभ्यास, धर्मानुष्ठान, ज्ञान की वृद्धि (शौचम् + इन्द्रियनिग्रहः) पवित्रता की इच्छा, इन्द्रियों का निग्रह (धर्मक्रिया च आत्मचिन्ता) धर्मक्रिया और आत्मा का चिन्तन होता है (सात्त्विक गुणलक्षरणम्) यही सत्त्वगुरण का लक्षरण है॥३१॥(स० प्र० नवम समु०)