Adhyay 12

Manusmriti

Shloka 3 Chapter Twelve

Adhyay 12
Shloka 3

Chapter Twelve

Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन

126 Shloka
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Adhyay 12 Shloka 3
Shloka
शुभाशुभफलं कर्म मनोवाग्देहसंभवम्। कर्मजा गतयो नॄणां उत्तमाधममध्यमः॥

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Subject
त्रिविध कर्मों का वर्णन
Meaning
(मन:- वाक् - देहसंभवं कर्म) मन, वचन और शरीर से किये जाने वाले कर्म (शुभ-अशुभ-फलम) शुभ-अशुभ फल को देने वाले होते हैं, (कर्मजा नृणाम्) और उन कर्मों के अनुसार मनुष्यों की (उत्तम प्रधम - मध्यमाः गतयः) उत्तम, मध्यम और अधम ये तीन गतियाँ = जन्मावस्थाएं होती हैं॥३॥