Adhyay 12

Manusmriti

Shloka 29 Chapter Twelve

Adhyay 12
Shloka 29

Chapter Twelve

Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन

126 Shloka
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Adhyay 12 Shloka 29
Shloka
यत्तु स्यान्मोहसंयुक्तं अव्यक्तं विषयात्मकम्। अप्रतर्क्यं अविज्ञेयं तमस्तदुपधारयेत्॥

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1 Bhashyas
Subject
तमोगुण की पहचान
Meaning
(यत् तु मोहसंयुक्तं स्यात्) जब मोह अर्थात् सांसारिक पदार्थों में फंसा हुआ आत्मा और मन हो, (व्यक्तम्) जब आत्मा और मन में कुछ विवेक न रहे, (विषयात्मकम्) विषयों में आसक्त (प्रतम्) तर्क-वितर्क रहित, (अविज्ञेयम्) जानने के योग्य न हो, (तत् + उपधारयेत् तमः) तब निश्चय समझना चाहिए कि इस समय मुझ में तमोगुण प्रधान, और सत्त्वगुण तथा रजोगुण प्रधान है ॥२९॥(स० प्र० नवम समु०)