Adhyay 12

Manusmriti

Shloka 27 Chapter Twelve

Adhyay 12
Shloka 27

Chapter Twelve

Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन

126 Shloka
12/27
Adhyay 12 Shloka 27
Shloka
तत्र यत्प्रीतिसंयुक्तं किं चिदात्मनि लक्षयेत्। प्रशान्तं इव शुद्धाभं सत्त्वं तदुपधारयेत्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Subject
सतोगुण की पहचान
Meaning
उसका विवेक इस प्रकार करना चाहिए कि (तात्मनि यत् किंचित् प्रीतिसंयुक्तम्) जब आत्मा में प्रसन्नता (प्रशान्तम् + इव शुद्धाभं लक्षयेत्) मन प्रसन्न प्रशान्त के सदृश शुद्धभानयुक्त वर्ते (तत् + उपधारयेत् सत्त्वम्) तब समझना की सत्त्वगुण प्रधान और रजोगुण तथा तमोगुण प्रधान हैं॥२७॥(स० प्र० नवम समु०)