Adhyay 12

Manusmriti

Shloka 123 Chapter Twelve

Adhyay 12
Shloka 123

Chapter Twelve

Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन

126 Shloka
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Adhyay 12 Shloka 123
Shloka
एतं एके वदन्त्यग्निं मनुं अन्ये प्रजापतिम्। इन्द्रं एके परे प्राणं अपरे ब्रह्म शाश्वतम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(एतम् एके) इस परमात्मा [१२ | १२२] को (एके) कोई (अग्निम्) 'अग्नि', (अन्ये प्रजापति मनुम) कोई प्रजापति परमात्मा को 'मनु', (एके इन्द्रम्) कोई 'इन्द्र', (परे प्राणम्) कोई 'प्रारण', (अपरे शाश्वतं ब्रह्म) दूसरे कोई शाश्वत 'ब्रह्म', (वदन्ति) कहते हैं ॥१२३॥