Adhyay 12

Manusmriti

Shloka 115 Chapter Twelve

Adhyay 12
Shloka 115

Chapter Twelve

Subject: कर्मफल - विधान एवं निःश्रेयस कर्मों का वर्णन

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Adhyay 12 Shloka 115
Shloka
यं वदन्ति तमोभूता मूर्खा धर्मं अतद्विदः। तत्पापं शतधा भूत्वा तद्वक्तॄननुगच्छति॥

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1 Bhashyas
Meaning
(तमोभूता: मूर्खा: अतद्विदः) जो अविद्यायुक्त, मूर्ख, वेदों के न जानने वाले मनुष्य (यं धर्मं वदन्ति) जिस धर्म को कहें, उसको कभी न मानना चाहिए, क्योंकि (तत् वक्तृन्+अनुगच्छति) जो मूर्खो के कहे हुए धर्म के अनुसार चलते हैं (तत् शतधा भूत्वा पापम्) उनके पीछे सैंकड़ों प्रकार के पाप लग जाते हैं ॥११५॥(स० प्र० षष्ठ समु०)