Adhyay 11

Manusmriti

Shloka 45 Chapter Eleven

Adhyay 11
Shloka 45

Chapter Eleven

Subject: प्रायश्चित विषय

266 Shloka
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Adhyay 11 Shloka 45
Shloka
अकामतः कृते पापे प्रायश्चित्तं विदुर्बुधाः। कामकारकृतेऽप्याहुरेके श्रुतिनिदर्शनात्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(बुधाः) कुछ विद्वान् (अकामतः कृते पापे प्रायश्चित्तं विदुः) अज्ञानवश किये गये पाप में प्रायश्चित्त करने को कहते हैं (एके) और कुछ विद्वान् (श्रुतिनिदर्शनात्) वेदों में उल्लेख होने के कारण (कामकारकृते + अपि आहुः) जानकर किये गये पाप में भी प्रायश्चित्त करने को कहते हैं॥४५॥अनुशीलन-यजु० ३६।१२ में प्रायश्चित्त का उल्लेख हुआ है।