Adhyay 11

Manusmriti

Shloka 231 Chapter Eleven

Adhyay 11
Shloka 231

Chapter Eleven

Subject: प्रायश्चित विषय

266 Shloka
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Adhyay 11 Shloka 231
Shloka
एवं संचिन्त्य मनसा प्रेत्य कर्मफलोदयम्। मनोवाङ्गूर्तिभिर्नित्यं शुभं कर्म समाचरेत्॥

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Meaning
(प्रेत्य कर्मफल- उदयम्) 'मरकर कर्मों का फल अवश्य मिलेगा' (मनसा एवं संचिन्त्य) मन में इस विचार को रखते हुए मनुष्य (मनःवाक्-मूर्तिभिः) मन, वारणी और शरीर से (नित्यं शुभकर्म समाचरेत्) सदा शुभ कार्य करे । ॥२३१॥