Adhyay 11

Manusmriti

Shloka 217 Chapter Eleven

Adhyay 11
Shloka 217

Chapter Eleven

Subject: प्रायश्चित विषय

266 Shloka
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Adhyay 11 Shloka 217
Shloka
एतं एव विधिं कृत्स्नं आचरेद्यवमध्यमे। शुक्लपक्षादिनियतश्चरंश्चान्द्रायणं व्रतम्॥

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1 Bhashyas
Subject
यवमध्यम चान्द्रायणव्रत की विधि
Meaning
(यवमध्यमे चांन्द्रायणं चरन्) 'यवमध्यमचान्द्रायण व्रत' को करने वाला व्यक्ति (एतत् + एव कृत्स्नं विधिम्) इसी ११।२१६] चान्द्रायण की सम्पूर्ण विधि को (शुक्लपक्षादि नियतः आचरेत्) शुक्लपक्ष के आदि दिन से प्रारम्भ करके निश्चित क्रम से करे अर्थात् शुक्ल पक्ष के प्रथम दिन से एक-एक ग्रास भोजन का कम करता जाये फिर कृष्णपक्ष में एक-एक ग्रास बढ़ाये॥२१७॥