Adhyay 11

Manusmriti

Shloka 161 Chapter Eleven

Adhyay 11
Shloka 161

Chapter Eleven

Subject: प्रायश्चित विषय

266 Shloka
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Adhyay 11 Shloka 161
Shloka
एषोऽनाद्यादनस्योक्तो व्रतानां विविधो विधिः। स्तेयदोषापहर्तॄणां व्रतानां श्रूयतां विधिः॥

Bhashya

Subject
नात्यों का प्रायश्चित्त
Meaning
(येषां द्विजानां सावित्री) जिन द्विजों का यज्ञोपवीत संस्कार (यथाविधि) उचित समय [ इस संस्करण में २ । ११-१३] पर (न+अनुच्येत) नहीं हुआ हो, (तान्) उनको (त्रीन् कृच्छान् चारयित्वा). तीन कृच्छ व्रत कराके (यथाविधि+उपनाययेत्) विधिपूर्वक उनका उपनयन संस्कार कर देना चाहिए ॥१६१॥