Adhyay 10
Shloka 78
Shloka
वैश्यं प्रति तथैवैते निवर्तेरन्निति स्थितिः। न तौ प्रति हि तान्धर्मान्मनुराह प्रजापतिः॥
Shloka 78 Chapter Ten
Subject: चातुर्वर्ण्य धर्मान्तर्गत वैश्य-शुद्र के धर्म एवं चातुर्वर्ण्य धर्म का उपसंहार
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