Adhyay 10
Shloka 67
Shloka
जातो नार्यां अनार्यायां आर्यादार्यो भवेद्गुणैः। जातोऽप्यनार्यादार्यायां अनार्य इति निश्चयः॥
Shloka 67 Chapter Ten
Subject: चातुर्वर्ण्य धर्मान्तर्गत वैश्य-शुद्र के धर्म एवं चातुर्वर्ण्य धर्म का उपसंहार
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