Adhyay 10
Shloka 50
Shloka
चैत्यद्रुमश्मशानेषु शैलेषूपवनेषु च। वसेयुरेते विज्ञाता वर्तयन्तः स्वकर्मभिः॥
Shloka 50 Chapter Ten
Subject: चातुर्वर्ण्य धर्मान्तर्गत वैश्य-शुद्र के धर्म एवं चातुर्वर्ण्य धर्म का उपसंहार
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