Adhyay 10
Shloka 37
Shloka
चण्डालात्पाण्डुसोपाकस्त्वक्सारव्यवहारवान्। आहिण्डिको निषादेन वैदेह्यां एव जायते॥
Shloka 37 Chapter Ten
Subject: चातुर्वर्ण्य धर्मान्तर्गत वैश्य-शुद्र के धर्म एवं चातुर्वर्ण्य धर्म का उपसंहार
No translation available for this shloka.